भोपाल। आगामी नवरात्रि और गरबा आयोजनों को लेकर भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम समाज से अपील की है। कमेटी ने मुस्लिम युवाओं से गरबा और नवरात्रि के सार्वजनिक आयोजनों में जाने से परहेज करने को कहा है। कमेटी का कहना है कि उसकी यह अपील किसी धर्म, धार्मिक आयोजन या हिंदू समाज की परंपराओं के विरोध में नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विवाद की संभावनाओं को रोकना और सामाजिक सौहार्द, भाईचारे तथा आपसी सम्मान को बनाए रखना है।
कमेटी की ओर से कहा गया कि नवरात्रि और गरबा देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा हैं और सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। कमेटी ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों को लेकर किसी तरह का विवाद या गलतफहमी पैदा न हो, इसके लिए युवाओं को ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखना चाहिए।
विवाद से बचने की अपील
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के मुख्य संरक्षक शमशुल हसन बल्ली ने कहा कि कमेटी की अपील का मकसद किसी धार्मिक आयोजन को रोकना या उसका विरोध करना नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर पहले भी आपत्तियां और विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में कमेटी का मानना है कि विवाद की स्थिति पैदा होने से पहले ही सावधानी बरतना बेहतर है।
कमेटी ने उलमा, काज़ियों और मुफ्तियों से भी अपील की है कि वे मुस्लिम युवाओं को समझाएं और उन्हें धार्मिक आयोजनों से जुड़े विवादों से दूर रहने की सलाह दें। कमेटी का कहना है कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए संवाद और आपसी समझ जरूरी है।
‘किसी धर्म के खिलाफ नहीं है अपील’
कमेटी ने स्पष्ट किया कि गरबा या नवरात्रि आयोजन हिंदू समाज की आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम हैं और उनकी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। कमेटी की ओर से कहा गया कि उसकी अपील को किसी समुदाय या धर्म के खिलाफ बयान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
कमेटी के मुताबिक, अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच सामाजिक मेलजोल और आपसी सम्मान भारतीय समाज की महत्वपूर्ण विशेषता है। इसलिए किसी भी ऐसी परिस्थिति से बचना जरूरी है, जिससे दो समुदायों के बीच अनावश्यक तनाव या गलतफहमी पैदा हो।
अनिलानंद महाराज ने भी रखी अपनी बात
इस मामले में हिंदू धर्म गुरु अनिलानंद महाराज ने कहा कि मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से अपील की गई है, लेकिन उनके अनुसार कुछ मुस्लिम युवक नाम बदलकर गरबा आयोजनों में पहुंचते हैं। उन्होंने इस विषय को लेकर आयोजकों और समाज से सतर्क रहने की बात कही।
अनिलानंद महाराज ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान को लेकर पारदर्शिता और आयोजकों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। हालांकि, उन्होंने सामाजिक शांति और सौहार्द बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
अनिलानंद महाराज, हिंदू धर्म गुरु
पहचान और विवाद का मुद्दा
गरबा आयोजनों में अलग-अलग समुदायों के युवाओं की भागीदारी को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। ऐसे मामलों में पहचान को लेकर उठने वाले सवाल कई बार विवाद का कारण बनते हैं। यही वजह है कि इस बार मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अपने समाज के युवाओं से ऐसे आयोजनों में शामिल होने से परहेज करने की अपील की है।
वहीं, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए यह भी जरूरी है कि किसी समुदाय के सभी लोगों को किसी एक घटना या आरोप के आधार पर एक नजर से न देखा जाए। धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, अनुशासन और आयोजकों की निर्धारित व्यवस्था का पालन सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
भाईचारा बनाए रखना उद्देश्य
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी का कहना है कि भारत की सामाजिक संरचना विविधताओं से भरी है। यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग अपनी-अपनी परंपराओं और आस्थाओं के साथ रहते हैं। ऐसे में किसी भी धार्मिक आयोजन को लेकर विवाद की स्थिति बनने से बचना सभी समुदायों की साझा जिम्मेदारी है।
कमेटी ने कहा कि उसकी अपील का मूल उद्देश्य भाईचारा, शांति और आपसी सम्मान बनाए रखना है। कमेटी ने मुस्लिम समाज के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक संगठनों से भी अपील की कि वे किसी भी मुद्दे को विवाद का रूप देने के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करें।
शमशुल हसन बल्ली, मुख्य संरक्षक, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी
नवरात्रि और गरबा आयोजनों के दौरान प्रशासन, आयोजकों और समाज की भूमिका भी अहम होगी। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश के नियम और अनुशासन का पालन सुनिश्चित करने से विवाद की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। साथ ही, सोशल मीडिया पर अपुष्ट दावों और भ्रामक सूचनाओं से बचना भी जरूरी है।
भोपाल में सामने आई इस अपील के बीच सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव के बीच संतुलन कायम रखा जाए। एक-दूसरे की धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि, उकसावे या अफवाह से बचना ही शहर की गंगा-जमुनी संस्कृति और भाईचारे को मजबूत कर सकता है।
गरबा-नवरात्रि आयोजनों को लेकर मुस्लिम त्योहार कमेटी की अपील
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर
Continue With Google
Comments (0)