कानून की रक्षा के साथ जिंदगी की सुरक्षा: पुलिस जवान सतीश शर्मा ने पेश की मिसाल

टीकमगढ़। "सेवा, सुरक्षा और समर्पण"—पुलिस के इस ध्येय वाक्य को टीकमगढ़ देहात थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक (हेड कॉन्स्टेबल) सतीश शर्मा ने चरितार्थ कर दिखाया है। सतीश शर्मा ने न केवल अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभाई, बल्कि सही समय पर रक्तदान कर एक जरूरतमंद गर्भवती महिला की जिंदगी बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है।
​मामला बल्देवगढ़ के ग्राम सूरजपुर का है, जहाँ एक गर्भवती महिला को इलाज के दौरान अचानक रक्त की अति आवश्यकता पड़ गई। महिला के परिजनों के सामने संकट की स्थिति निर्मित हो गई थी। जैसे ही इस बात की खबर हेड कॉन्स्टेबल सतीश शर्मा को लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए आगे बढ़कर खुद रक्तदान करने का फैसला लिया।
​सतीश शर्मा के इस त्वरित और मानवीय प्रयास से महिला को वक्त पर रक्त मिल सका, जिससे उसकी और आने वाले बच्चे की जान सुरक्षित हो सकी।
​कानून-व्यवस्था संभालने के साथ-साथ समाज के प्रति इस संवेदनशीलता के लिए क्षेत्र में सतीश शर्मा की जमकर प्रशंसा हो रही है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि खाकी वर्दी सिर्फ अपराध नियंत्रण और सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।