: ऐतिहासिक पहल की शुरुआत

ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) की स्थापना के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जोन 350 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसके पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री की उपस्थिति

गुरुवार को हुए इस प्रतिष्ठित समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव उपस्थित रहे। सिंधिया ने इस पहल को मध्य प्रदेश और देश दोनों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

आत्मनिर्भर भारत के सपने को मिलेगी नई दिशा

यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, और डिजिटल इंडिया के संकल्प को नई गति प्रदान करेगी। साथ ही, यह देश को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी।

दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक: ग्वालियर का विकास

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर है। यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन उसी दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी सोच का सशक्त प्रतीक है।

उन्नत तकनीकी सुविधाओं का विकास

इस इंटीग्रेटेड परिसर में मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, 5G और 6G तकनीकों की रिसर्च, विकास और मैन्युफैक्चरिंग की अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रोजगार और निवेश के नए अवसर

सिंधिया ने बताया कि इस परियोजना से मध्य प्रदेश में ₹35 हजार करोड़ तक के कुल निवेश का अनुमान है, जिससे 14 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

  • पहले चरण में डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एचएफसीएल और तेजस नेटवर्क द्वारा ₹2 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा।

विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) का गठन

परियोजना के प्रभावी संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश शासन की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत भागीदारी के साथ एक विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) का गठन किया जाएगा।यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन मध्य प्रदेश को विश्वस्तरीय औद्योगिक इकोसिस्टम प्रदान करेगा और देश के दूरसंचार क्षेत्र को नई गति और वैश्विक पहचान देगा।