टीकमगढ़। जिले के बल्देवगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी (CDPO) महेश दोहरे का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों और जनसामान्य में हड़कंप मच गया है। वीडियो वायरल होते ही अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से किसी भी आधिकारिक नोटिस या निलंबन की पुष्टि नहीं हुई है।
सहायिका की मदद करने पहुंचे थे अधिकारी
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि के अनुसार, बल्देवगढ़ क्षेत्र के एक आंगनवाड़ी केंद्र में पदस्थ सहायिका ने स्थानीय दबंगों द्वारा लगातार परेशान किए जाने और काम में बाधा डालने की लिखित शिकायत परियोजना अधिकारी से की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी महेश दोहरे स्वयं वस्तुस्थिति का जायजा लेने और जांच करने मौके पर पहुंचे थे।
नशे में धुत युवकों से तीखी बहस
अधिकारी का दावा है कि जब वे जांच कर रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ असामाजिक तत्व और दबंग, जो कथित रूप से शराब के नशे में थे, अचानक विवाद करने लगे। उन्होंने न सिर्फ शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया, बल्कि अधिकारी के साथ अभद्रता की। माहौल बिगड़ता देख और अपनी सुरक्षा को खतरे में पाकर अधिकारी ने भी कड़ा रुख अपनाया और तेज आवाज में उनका विरोध किया। इसी दौरान किसी ने घटना का चुनिंदा हिस्सा रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर प्रसारित कर दिया।
छेड़छाड़ का आरोप और निष्पक्ष जांच की मांग
विवाद गहराने के बाद परियोजना अधिकारी महेश दोहरे ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए वायरल वीडियो को 'टैमपर्ड' (छेड़छाड़ किया हुआ) और एडिटेड करार दिया है।
मूल वीडियो का दावा: अधिकारी का कहना है कि उनके पास घटना का पूरा और प्रामाणिक वीडियो फुटेज मौजूद है, जो यह साबित करता है कि शुरुआत किस पक्ष ने की थी।
कलेक्टर पर भरोसा: उन्होंने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर पूर्ण विश्वास जताते हुए मांग की है कि वायरल वीडियो और मूल वीडियो दोनों की फोरेंसिक/तकनीकी जांच कराई जाए।
आगे की स्थिति
फिलहाल जिला प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जांच रिपोर्ट और मूल वीडियो के परीक्षण के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है और दोषी कौन है।
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